मंगलवार, 8 सितंबर 2009

pyar na hota

प्यार न होता दुनिया मेतो ,बेरंग सारे रंग होते. 
.सार न होता जीने में नीरस सारे रस होते 
सुख दुःख भी न होते शायद , दुःख की ही बाते होती
.हमदर्द न कोई  होता.हमराज न कोई साथी होते
पगपग सहता न पीर कोई,रिश्तो का न मतलब होता.
.रगरग में बहता लहू ,खून नही पानी होता..
प्यार की हजार नियामते,प्यार से उठे मन में हिलोर
 ,प्यार बांधे दुनिया सारी,प्यार न कोईor रनाछोर

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